अमेरिका इस दौर का वो विनाशकारी कार्य कर रहा है जो किसी बड़ी मूर्खता से कम नहीं है, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न सिर्फ तेल चुराने हटाया बल्कि चीन पर भी निशाना साधा। कल रूस के दो तेलवाहक जहाज रोक लिए और समाचार ये है रूस की सबमरीन वेनेजुएला के पास पहुँच गई. अब मूर्खता क्या है ? मूर्खता विश्वयुद्ध की है और अमेरिकन राष्ट्रपति लगभग लगभग सठिया गए है. कभी ये बोलते है कभी वो बोलते है और तो और हिन्दुस्तान को धमकी दे रहे है. ऐसी मूर्खता आज ही नहीं हुई बल्कि इतिहास में दर्ज है ऐसे एक मूर्ख falkland की कहानी और ट्रम्प वैसा ही कर रहे.
लॉर्ड फ़ॉकलैंड की बेवकूफी” (Lord Falkland’s folly) का संदर्भ 1982 के फ़ॉकलैंड युद्ध से जुड़ा है, जहाँ अर्जेंटीना ने इन द्वीपों पर कब्ज़ा कर लिया, जिसके बाद ब्रिटेन ने सैन्य कार्रवाई की, और इस पूरी घटना को अर्जेंटीना के तत्कालीन सैन्य शासकों की एक बड़ी भूल या मूर्खता (बेवकूफी) माना जाता है, क्योंकि इससे उनकी सरकार गिर गई और उन्हें अपनी संप्रभुता का दावा कमज़ोर पड़ गया, जबकि ब्रिटेन के लिए यह एक बड़ी जीत थी, जिससे मारग्रेट थैचर की सरकार मज़बूत हुई.
पृष्ठभूमि:
अर्जेंटीना का दृष्टिकोण: अर्जेंटीना में एक सैन्य जुंटा (तानाशाही) थी, और उन्होंने फ़ॉकलैंड (माल्विनास) पर कब्ज़ा करके अपनी जनता का ध्यान आंतरिक समस्याओं से हटाने और राष्ट्रीय गौरव बढ़ाने की कोशिश की.
ब्रिटिश संप्रभुता: फ़ॉकलैंड द्वीप समूह ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र हैं, और अर्जेंटीना लंबे समय से इन पर अपना दावा करता रहा है, जिसे ब्रिटेन ने कभी स्वीकार नहीं किया.
“बेवकूफी” (Folly) का अर्थ:
अर्जेंटीना के लिए: इस युद्ध में अर्जेंटीना की हार हुई, जिससे सैन्य जुंटा का पतन हुआ और देश में लोकतंत्र की बहाली हुई. उनके लिए यह एक रणनीतिक गलती थी, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ब्रिटेन इतनी दृढ़ता से जवाब देगा.
ब्रिटिश दृष्टिकोण: ब्रिटेन के लिए, यह एक साम्राज्यवादी विस्तार या “बेवकूफी” नहीं थी, बल्कि अपनी संप्रभुता और अपने लोगों (फ़ॉकलैंड निवासियों) की रक्षा के लिए एक आवश्यक कार्रवाई थी, जिसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया.
मुख्य बिंदु:
सैन्य जुंटा की हार: अर्जेंटीना के सैन्य शासकों ने युद्ध हारने के बाद अपनी सत्ता गँवा दी.
ब्रिटिश गर्व: ब्रिटेन में इस जीत से राष्ट्रीय गौरव बढ़ा और थैचर सरकार को दोबारा चुनाव जीतने में मदद मिली.
संप्रभुता विवाद: यह विवाद आज भी जारी है, लेकिन युद्ध के बाद अर्जेंटीना की स्थिति कमज़ोर हुई.
संक्षेप में, “लॉर्ड फ़ॉकलैंड की बेवकूफी” मुख्य रूप से अर्जेंटीना की सैन्य सरकार द्वारा फ़ॉकलैंड पर कब्ज़ा करने के फैसले की विफलता और उसके बाद हुए विनाशकारी परिणामों को संदर्भित करती है.
वेनेजुएला के प्रति अमेरिकन व्यवहार आत्मघाती है. आज के दौर में परमाणु संपन्न शक्तियां किसी भी असंभव सी स्थिति में गलती कर सकती है. और मानव जाती का भारी नुकसान हो सकता है.






