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अपनी बात – गिरीश मिश्र ; ये नहीं अब कि गरीब की लुगाई, ट्रम्प और शी जिन पिंग की लुगाई, सोच बदलो युग बदल रहा है ! २०२५ की बिदाई और २०२६ के शुभागमन पर विशेष!

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ट्रम्प पिछले कई महीनों से एक ही पहाड़ा पढ़ रहे कि भारत पकिस्तान युद्ध उन्होंने सलटाया, वस्तुस्थिति ये है कि ट्रम्प मोदी जी को बकरी का बच्चा समझ बैठे थे और खुद को बड़ा शेर, ऑपरेशन सिन्दूर भारत ने अपने हस्ताक्षर जमाते हुए किया और पकिस्तान ने पुनः बेशर्मी दिखाते हुए इसे एक नाकाम हमला बताया, पाकिस्तान ने जनरल आसिफ मुनीर को फील्ड मार्शल तक बना डाला, ये फील्ड मार्शल एक बैग में पाकिस्तानी पथ्थर लेकर डोनाल्ड ट्रम्प को पेश करने गया कि आप हमारी खुदाई करो, ये नहीं बताया की खुदाई स्वयं की कब्र की करें या फिर आने वाले उस दौर की जहाँ पाकिस्तान अमेरिकन कॉलोनी की नीव रखे. आज तो आसिफ जरदारी ने भी कह दिया कि मुझे भी सलाह मिली थी बनकर में छुप जाऊं ! पकिस्तान के विदेश मंत्री ने माना कि सिन्दूर गहरा लगा, लेकिन ये ट्रम्प है की मानता नहीं, आज किसी मीटिंग में कह दिया पुनः कि मैंने इतने युद्ध रुकवाए और नोबल किसी और को दे दिया।
अब आते है चीन पर, आज चीन ने कहा की भारत पकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया, भारत ने अमेरिकन की संलिप्तता से मना किया था और करता रहा है अब ये नए खलीफा खड़े हो गए, चीन और अमेरिका के बीच हलाला के चलते पाकिस्तान के शौहर बदलते रहते है और इनकी नाजायज औलाद बंगलादेश भी परेशान है कि नाजायजों की और नाजायज औलाद यूनुस को थोप दिया करने उनकी अस्मिता से बलात्कार करने।
हिंदुस्तान पहले से ही कहते आया है कि युद्ध विराम पकिस्तान के आग्रह पर किया गया लेकिन ये पकिस्तान के नाजायज बाप मानते ही नहीं, भारत को बार बार उकसाने की कोशिश करते है और एक भारत है जो इन पर ध्यान ही नहीं देता।
हम २०२६ की दलहीज पर हैं, बहुत से युद्ध की ईक्षा रखते हैं लेकिन हम आज विश्व की चौथी बड़ी आर्थिक ताकत बने है, देश के अंदर रुदालियों की कमी नहीं ईक्षा शक्ति की कमी है, जिस दिन ठान लिया जर्मन शेफर्ड और बिरयानी की क्लास लेना है उसी दिन देश के अंदर से दुष्प्रचार बंद हो जायेगा। एंजेल चकमा १८ दिन भर्ती रहे कोई आवाज नहीं हुई, लेकिन मृत्यु के पश्चात् पुनः मणिपुर जैसा वातावरण बनाने की कोशिश हो रही, छत्तीसगढ़ का हिन्दू युवक तमिलनाडु में मारा गया कोई मुहिम नहीं, एजेंडा इसे कहते है.

बहरहाल भारत न तो किसी की लुगाई है न ही किसी को समझता है, भारत चरित्रवान है, ऊर्जावान है और कर्मप्रधान देश है. हम आने वाले वर्षों में मातृभूमि के लिए स्वयं से भी प्रयास करें और अपने देश को सशक्त बनाये. वन्दे मातरम्।

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