वेनेजुएला की घटना और हाल के अमेरिकन बयानों को यदि विश्लेषण में आये तो एक सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता जैसे F35 इंडिया कोचीन” क्वेरी मध्य वर्ष 2025 में हुई एक बड़ी घटना को संदर्भित करती है, जिसमें ब्रिटिश रॉयल नेवी का एक F-35B लड़ाकू विमान तकनीकी खराबी के कारण भारत के केरल राज्य में तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे (कोच्चि/कोचीन के पास) पर आपातकालीन लैंडिंग करने के बाद कई हफ्तों तक वहीं फंसा रहा। मरम्मत के बाद ही विमान को उड़ान भरने की अनुमति मिली, जिससे ऑनलाइन काफी चर्चा हुई और पर्यटन में रुचि पैदा हुई। हालांकि भारत F-35 का संचालन नहीं करता है, लेकिन इस घटना ने विमान की उन्नत तकनीक और इसकी रिकवरी में भारत की भूमिका को उजागर किया।
ब्रिटिश रॉयल नेवी का F-35B लाइटनिंग II स्टील्थ लड़ाकू विमान।
मार्ग परिवर्तन: खराब मौसम और तकनीकी समस्याओं के कारण विमानवाहक पोत HMS प्रिंस ऑफ वेल्स से मार्ग बदलकर तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) में सुरक्षित लैंडिंग की।
फंसे रहने का कारण: एक तकनीकी खराबी, जिसे बाद में हाइड्रोलिक सिस्टम की खराबी के रूप में पहचाना गया, के कारण विमान कई हफ्तों तक वहीं फंसा रहा, जिसके लिए मरम्मत हेतु एक विशेषज्ञ ब्रिटिश टीम को हवाई मार्ग से आना पड़ा।
स्थान: विमान तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर था, जो एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करता है, लेकिन इस घटना ने पास के कोचीन (कोच्चि) में भी लोगों की दिलचस्पी जगा दी।व्यापक मरम्मत और ईंधन भरने के बाद विमान अपने वाहक के पास वापस लौट गया। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गई और केरल चर्चा की विषय रहा.






