प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की चल रही विदेश यात्रा, जो पहले से ही उनके लिए कई दुर्लभ सम्मान देख चुकी है, भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करने के अवसर में बदल गई है. जापान में पीएम मोदी ने हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया, जो शांति और अहिंसा के भारतीय मूल्यों को दर्शाती है. अब पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी पहुंच रहे हैं. इसके लिए पापुआ न्यू गिनी (Papua New Guinea) की सरकार अपनी परंपरा को तोड़ते हुए पीएम मोदी का वेलकम करेगा.
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मरापे (James Marape) पीएम मोदी के आज हवाईअड्डे पर पहुंचने पर उनकी अगवानी करेंगे. प्रशांत महासागर में स्थित यह द्वीपीय देश रात्रि पहर में विदेशी मेहमानों की राजकीय सम्मान के साथ अगवानी नहीं करता है. लेकिन भारत की अहमियत और वैश्विक मंच पर पीएम मोदी की बढ़ती साख को देखते हुए वहां की सरकार ने यह फैसला लिया है.
पीएम मोदी के लिए पापुआ न्यू गिनी सरकार द्वारा एक विशेष अपवाद बनाया जा रहा है और उनका स्वागत पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा. यहां बताना जरूरी है कि सूर्यास्त होने के बाद पापुआ न्यू गिनी में किसी भी विदेशी मेहमान का राजकीय सम्मान के साथ स्वागत नहीं होता, मगर पीएम मोदी के लिए यह देश उस परंपरा को तोड़ने वाला है.
दरअसल, पीएम मोदी हिरोशिमा में जी-7 और क्वाड बैठक में हिस्सा लेने के बाद पापुआ न्यू गिनी के लिए रवाना हो रहे हैं और देर रात वहां पहुंचेंगे. पीएम मोदी की अगले दिन पीएम मरापे के साथ द्विपक्षीय मुलाकात होगी और उसके बाद सोमवार को फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC III समिट) के तीसरे शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे.
मालूम हो कि इस सम्मेलन में सभी 14 द्वीप देशों के प्रमुख शामिल होने के लिए पापुआ न्यू गिनी पहुंच रहे हैं. इस तरह की बैठक अभी तक केवल अमेरिका और चीन की तरफ से किया गया है. लेकिन चीन के साथ साल 2015 के बाद प्रशांत सागर क्षेत्र के द्वीप देशों ने बैठकें नहीं की हैं. पीएम मोदी के साथ इन देशों की यह तीसरी बैठक होगी. आम तौर पर कनेक्टिविटी और अन्य मुद्दों के कारण ये सभी शायद ही कभी एक साथ मिलते हैं. बता दें कि FIPIC को 2014 में पीएम मोदी की फिजी यात्रा के दौरान लॉन्च किया गया था