BLO जहाँ पर उनकी मर्जी से छोड़ दिए गए हैं उधर उन पर बड़े संगीन आरोप लग रहे है, एक तो बिहार का नाम फॉर्मेट में आ रहा अलग राज्यों की सत्यापन प्रक्रिया के नोटिस में दूसरी ओर पूरे पेपर देने के बाद बार बार इधर उधर बुलाने से वोटर नाराज है. छत्तीसगढ़ में भी ये प्रक्रिया चल रही और इसकी आहट भयावह है, अनमने ढंग से इस प्रक्रिया का स्तेमाल हो रहा. कहा तो ये जा रहा कई ऐसे लोग जिनके डाक्यूमेंट्स नहीं है पैसे देने का प्रलोभन दे रहे है.
ये खतरनाक है, इस प्रक्रिया में झोल झपाट नहीं होना चाहिए। बीजेपी कही निपट न जाए रावलपिंडी जैसे !
इधर अर्नब को लेकर तरह तरह की चर्चाएं है, अर्नब देश विरोधी या मोदी विरोधी नहीं लेकिन कभी कभी यदि सरकार किसी हितैषी को अपना दास समझ कर उसे स्तेमाल करके झुनझुना दिखाए तो सम्मानित और स्वाभिमानी हितैषी अपनी साख बचाने वो सब करेगा जो उसे करना चाहिए.
SIR का इस तरह होना विपक्ष को अवसर देगा इसकी प्रक्रिया को धूमिल करने वही ये प्रक्रिया बहुत अच्छी है लेकिन इस तरह की क्लेरिकल गलतियाँ न हों इस बात का ध्यान रखना होगा।






