बस्तर के एक आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर पंडुम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। तीन चरणों में होगा आयोजन।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नववर्ष की शुभकामनाएं दी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘ बस्तर पंडुम ’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी पिछले वर्ष की भांति भव्य एवं आकर्षक रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया।
इस अवसर पर सीएम विष्णुदेव साय ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘बस्तर पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा, ‘‘आज मां दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहां बस्तर पंडुम 2026 का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया गया है। बस्तर पंडुम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच है।’






