देश में पिछले दिनों हुए हवाई यातायात जाम का मुख्य अपराधी इंडिगो माना जा रहा है और इसकी जांच भी शुरू हो चुकी है,ज्ञात रहे रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन जिस दिन भारत आये उस दिन ये बवाल काटा गया और जांच एजेंसियां इसकी जाँच में लगी है कि आखिर ये दुर्घटना थी, घटना थी या फिर एक सोची समझी षड्यंत्र के तहत साजिश.
देश के नागरिकों ने इस बार इंडिगो को सबक सीखने की ठानी है, शेयर लुढ़का है और सोशल मीडिया पर इसके बहिष्कार की अपील की जा रही है, इंडिगो के बोर्ड ने कल अपने एक निर्णय में ये बताया कि उन्होंने भी इस घटना की स्वतंत्र जांच करवाने का फैसला किया है.
देश की इज्जत तार तार करने की चेष्टा के बाद ये लोग सोच रहे है कि इन्हे माफ़ किया जायेगा तो मुगालते में हैं, भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और dgca ने अपने आठ अधिकारी इंडिगो के ऑपरेशन सेंटर में स्थापित कर दिए है, अब न तो उगलते बनेगा या न ही निगलते।इंडिगो की १० प्रतिशत घरेलु उड़ानों के पंख क़तर दिए गए है






