इंडिगो बन गया इंडेफिनेटली गो ! एक एयरलाइन ने देश की, विदेश की जनता को उनके हाल पर लुटेरी मानसिकता पर छोड़ दिया. पहले के डकैत डांका जरूर डालते थे लेकिन वे गाँव के गरीब परिवारों की मदद भी कर देते थे. यही बात अब नक्सली भी करते थे, लेकिन वे पैदल चलकर पुलिस की गोलियों का शिकार बनकर अपना जीवन जोखिम में डालकर जीवनयापन करते थे. जिन डकैतों की मैं चर्चा कर रहा वे वातानुकूलित कमरे में बैठे होटल रूम का किराया उस समय बढ़ा रहे जब आम जनता पिस रही एक एयरलाइन की अराजकता से. होटल सहित एयरलाइन के किराये बढ़ाने वाले कुछ दूसरे डकैत जैसे भी इसमें शामिल हुए जिन्हे त्रासदी भुगतते लोग और उनकी यातनाये नहीं दिखी, इंडिगो की घटना देश के लिए चुनौती हैं कि कल के दिन कुछ भी कर सकते है ये अवसरवादी मानसिकता के लोग. फिलहाल इंडिगो में डोंट गो !! महाराजा से जाइये और महाराजा प्रजा पे कृपा कीजिये






