छत्तीसगढ़ में नवाचार एवं उद्यमिता के लिए एआई केंद्र की स्थापना पर जागरूकता सत्र का आयोजन — NIT रायपुर एवं CGCOST की संयुक्त पहल
रायपुर, छत्तीसगढ़ – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर ने छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST) के सहयोग से “छत्तीसगढ़ में नवाचार एवं उद्यमिता विकास हेतु एआई केंद्र की स्थापना का महत्व और लाभ” विषय पर जागरूकता सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन 5 दिसंबर 2025 को शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर में किया।
यह सत्र NIT रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रामना राव के दूरदर्शी नेतृत्व में तथा यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर, डॉ. अनुज कुमार शुक्ला (फैकल्टी इंचार्ज NITRRFIE एवं परियोजना के प्रधान अन्वेषक) द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में NIT रायपुर तथा साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अनुराग सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, ECE विभाग, IIIT नया रायपुर, कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने ज्ञानवर्धक मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता पर विस्तृत चर्चा की तथा छत्तीसगढ़ में एआई केंद्र की अत्यंत आवश्यकता पर बल दिया। उनके प्रस्तुतीकरण में एआई की मूलभूत अवधारणाएँ, छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इसके क्षेत्र-विशिष्ट अनुप्रयोग तथा ऐसे केंद्र की स्थापना से नवाचार एवं उद्यमिता को मिलने वाले व्यापक अवसरों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार, CGCOST, IIIT नया रायपुर और NIT रायपुर की इस दिशा में सक्रिय भूमिका का भी उल्लेख किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. त्रिभुवन सिंह, वैज्ञानिक ‘ई’, CGCOST ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और अपने अनुभव साझा किए। अन्य गणमान्य उपस्थितियों में शामिल थे —
डॉ. अमिताभ बनर्जी, प्राचार्य, GNPGSC रायपुर;डॉ. अर्चना असाटकर, सहायक प्रोफेसर, GNPGSC रायपुर;श्री पवन कटारिया, ऑफिसर इन-चार्ज, NITRRFIE;श्रीमती मेधा सिंह, CEO, NITRRFIE; तथाश्री सुनील देवांगन, मैनेजर, NITRRFIE।
यह जागरूकता सत्र छत्तीसगढ़ में एआई आधारित नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य को तकनीकी प्रगति के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा तथा विद्यार्थियों और नवोद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा करेगा।






