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गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने दिखा दिया कि धर्म की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं-डॉ. रमन

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गुरु तेग बहादुर के 350 वें शहादत दिवस पर हुआ सामूहिक गुरबाणी पाठ का आयोजन,
0 विभिन्न समुदाय के लगभग 7 हजार लोग हुए शामिल,बना वर्ल्ड रिकॉर्ड
राजनांदगांव। गुरु तेग बहादुर के 350 वें शताब्दी शहीदी वर्ष पर स्थानीय दिग्विजय स्टेडियम में सामूहिक गुरबाणी पाठ का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न जिलों से अलग-अलग समुदाय के लगभग 7 हजार लोग शामिल हुए जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्थानीय विधायक तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत ने दिखा दिया कि धर्म की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
गुरु दी संगत वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमुदाय ने गुरु तेग बहादुर द्वारा रचित सलोक महला 9 वां का सामूहिक पाठ किया। जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने गुरु तेग बहादुर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब मुस्लिम आक्रांता कश्मीर के ब्राह्मणों का जबरन धर्मांतरण कर रहे थे, उन्होंने गुरु तेग बहादुर से रक्षा की मांग की। इस पर गुरु तेग बहादुर ने कहा कि जब तक मैं जिंदा हूं, इस देश में धर्मांतरण नहीं हो सकता। गुरुओं की शहादत का इससे बड़ा इतिहास दुनिया की किसी किताब में नहीं लिखा है । उन्होंने जब औरंगज़ेब से धर्मांतरण रोकने कहा तो उसने दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु तेग बहादुर का शीश काटकर अलग कर दिया। गुरु तेग बहादुर के इस बलिदान ने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया कि धर्म की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। गुरुजी ने इसका अनुसरण किया। कार्यक्रम में राजनांदगांव के अलावा देवरी, बागनदी, डोंगरगढ़, दुर्ग- भिलाई, दल्ली राजहरा,भानु प्रतापपुर व रायपुर के लगभग 7 हजार लोग शामिल हुए। इसमें प्रमुख रूप से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, महापौर मधुसूदन यादव, पद्मश्री डॉ.पुखराज बाफना, प्रमुख उद्योगपति बहादुर अली, बलदेव सिंह भाटिया, छत्तीसगढ़ सिख समाज के अध्यक्ष महेंद्र सिंग छाबड़ा, कोमल सिंह राजपूत, सचिन बघेल, संतोष अग्रवाल, आनंद वर्गीस, सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष मनोज बैद, कमलेश बैद,शिक्षाविद नीरज बाजपेई, वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र मिश्रा, धनेश पटिला, कुतुबुद्दीन सोलंकी, कुलबीर सिंह छाबड़ा, हेमा देशमुख,आनंद वर्गीस, राजा मखीजा भागवत साहू के अलावा नेहा गुप्ता छत्तीसगढ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की जज अपनी टीम के साथ उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह ढाल्ला ने किया। मीडिया प्रभारी रुबी गरचा ने बताया कि आपसी भाईचारा, मानवता, सांप्रदायिक सद्भाव व आध्यात्मिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो अपने उद्देश्य में सफल रहा। आयोजन की सफलता में गुरु दी संगत के सदस्य छतरवीर भाटिया, सुखबीर सिंह, त्रिलोक सिंह, सोनू भाटिया, तरनदीप सिंह अरोरा, रघुवीर उसी, सोनू भाटिया, पिंटू भाटिया, बलवीर बग्गा, विक्की चावला, बिंदु भाटिया, गरबेज सिंह, रणदीप सिंह भाटिया, बब्बू ढल्ला, जसपाल अरोरा तथा रवि बग्गा आदि का विशेष सहयोग रहा।

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